भारत मौसम विभाग (IMD) की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण-बंगाल में विकसित हो रहे मौसम तंत्र ने चक्रवाती तूफान का रूप ले लिया है और इसे नाम “Cyclone Senyar” दिया गया है। मौजूदा सिस्टम की उत्पत्ति मलक्का स्ट्रेट और दक्षिण अंडमान सागर के पास बने एक अच्छी तरह चिन्हित निम्न-दाब के क्षेत्र से हुई थी, जो अब पश्चिम–उत्तरी पश्चिम की ओर गति कर रहा है। IMD के अनुसार यह सिस्टम तेज़ी से विकसित हुआ है और आज दोपहर तक किसी तटीय क्षेत्र (विशेषकर इंडोनेशिया/नज़दीकी तटीय इलाके) पर लैंडफॉल की संभावना जताई जा रही है। Hindustan Times+1
IMD ने पहले ही चेतावनी जारी कर दी है कि “Cyclone Senyar” के प्रभाव में अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह सबसे पहले आएंगे; इसके बाद दक्षिण और दक्षिण-पश्चिमी तटीय राज्य — तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश तथा तेज़ हवाओं की संभावना है। निकट भविष्य में समुद्री स्थितियाँ बहुत खतरनाक बनी रहेंगी, इसलिए मछुआरों और नौकायन से जुड़े लोगों को समंदर से दूर रहने की सलाह दी गई है।
IMD की मूवमेंट और लैंडफॉल टाइमलाइन: क्या अनुमान है?
IMD ने बताया है कि यह सिस्टम फिलहाल पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर लगभग 8–12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जा रहा है। मौसम मॉडल और सैटेलाइट अवलोकन के आधार पर यह अगले 24–48 घंटों में चक्रवाती तूफ़ान की दशा तक पहुँच सकता है। कुछ प्रारंभिक पोस्ट्स में IMD ने कहा कि लैंडफॉल आज दोपहर के आसपास इंडोनेशिया के तटों पर संभावित है; जबकि कुछ अन्य मॉडलों ने बंगाल की खाड़ी के ऊपर और आगे के ट्रैक की भी गुंजाइश दिखाई है — यानी अंतिम ट्रैक में अभी भी कुछ अनिश्चितता बनी हुई है। इसलिए तटीय प्रशासन सतर्क हैं और स्थानीय अलर्ट जारी कर रहे हैं।
प्रभाव और सरकारी तैयारी
राज्यों के आपदा प्रबंधन विभागों और समुद्री प्रशासन ने पहले ही संवेदनशील जिलों में निगरानी बढ़ा दी है। तमिलनाडु के हिस्सों में स्कूल और कॉलेज अस्थायी रूप से बंद करने की सूचनाएँ आ चुकी हैं और कई जिलों में बचाव दल (NDRF व राज्य आपदा दल) को अलर्ट पर रखा गया है। तटीय जिलों में प्रवासी और युवकों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की योजनाएँ भी तैयार की जा रही हैं। मछुआरा समुदाय को पानी पर न जाने की चेतावनी दी गई है और बंदरगाहों पर नौकाओं की निकासी का आदेश भी देखा गया।
समुद्र और बारिश का अनुमान
IMD ने बताया है कि अंडमान-निकोबार में 24 घंटे में भारी से बहुत भारी बारिश (105–204 मिमी तक) की संभावना है। तमिलनाडु और केरल के तटीय जिलों में तेज हवाओं (35–65 किमी/घंटा तक) और तुफानी गोले की आशंका बनी है, जिससे लोकल फ्लडिंग, पेड़ गिरना और बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थितियाँ बन सकती हैं। समुद्र में ऊँचे बुलबुले और तीव्र वेव्स के कारण किनारे के इलाकों में ज्वार-भाटा के स्तर में असामान्य बढ़ोतरी भी देखी जा सकती है — इसलिए तटीय इलाकों में लोगों से खुद को ऊँची जगह पर रखने का आग्रह किया गया है।
क्या आम नागरिक क्या करें — सावधानियाँ (पर्याप्त और सरल)
- मौसम और स्थानीय प्रशासन के आधिकारिक निर्देशों को निरंतर फ़ॉलो करें। IMD और राज्य मौसम-वार्ता के अपडेट देखें।
- तटीय इलाकों में रहने वाले लोग आवश्यक वस्तुएँ (दवा, पानी, मोबाइल चार्जर, पहचान-पत्र) साथ रखें और सुरक्षित स्थानों/उच्च भूमियों की ओर जाएँ।
- मछुआरों और छोटे जहाज़ों के मालिकों को अभी से समुद्र में न जाने के निर्देश का पालन करें।
- यदि आपको निकासी नोटिस दिया गया है तो सहयोग करें और स्वयं हटने में हिचकिचाएँ नहीं।
- बिजली एवं पेड़ों से जुड़े जोखिमों को ध्यान में रखें — घर के बाहर अनसेक्योर आइटमों को अंदर रखें।
पृष्ठभूमि और नामकरण
“Senyar” नाम उर्दू/अरबी मूल नहीं बल्कि UAE द्वारा प्रस्तुत नामों की सूची से लिया गया नाम है; जिसका अर्थ ‘सिंह’ (lion) के रूप में दर्शाया जाता है। यह इस मौसम-सत्र का दूसरा नामित चक्रवात माना जा रहा है — पिछले महीनों में आए चक्रवातों के बाद यह एक सक्रिय पोस्ट-मॉनसूनीय चरण का संकेत है।
क्या उम्मीद रखें?
जहाँ एक ओर वर्तमान प्रणाली ने चक्रवाती तूफ़ान का रूप ले लिया है और तटीय इलाकों में भारी बारिश-वितरण की संभावना गंभीर है, वहीं ट्रैक और तीव्रता में थोड़ी अनिश्चितता बनी है। इसलिए जनता और स्थानीय प्रशासन दोनों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है। IMD द्वारा जारी ताज़ा नोटिस और लाइव-ट्रैकर पर नज़र रखें — और जहाज़ी गतिविधियों तथा तटीय भ्रमण से बचें जब तक “Cyclone Senyar” की तबाही का प्रत्यक्ष ख़त्म होना घोषित न हो।