संविधान दिवस 2025: PM मोदी का नागरिकों के नाम पत्र

नरेंद्र मोदी ने इस वर्ष Constitution Day on Wednesday पर देशवासियों को संबोधित संदेश में जोर देकर कहा कि हर नागरिक का संवैधानिक कर्तव्य निभाना ही भारत के लोकतंत्र को मजबूत बनाता है।

उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि हमारे संविधान ने हमें कई अधिकार दिए हैं — लेकिन साथ ही यह हमें कर्तव्यों की याद भी दिलाता है। उन कर्तव्यों का पालन ही लोकतंत्र की सच्ची मजबूती है। The Hindu

मोदी ने यह भी कहा कि मताधिकार का उपयोग करना हर नागरिक का अहम दायित्व है। उन्होंने विशेष रूप से सुझाव दिया कि 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले first-time voters को संवैधानिक भावना के साथ सम्मान दें, और स्कूल–कॉलेजों में उन्हें संविधान दिवस पर विशेष रूप से मान्यता दें।

संविधान और हमारे दायित्व: एक याद

  • 26 नवंबर, 1949 को हमारे संविधान को अंगीकार किया गया — और इसे 1950 में लागू किया गया।
  • 2015 में सरकार ने इस दिन को आधिकारिक तौर पर संविधान दिवस घोषित किया था, ताकि संविधान के महिमामय मूल्यों — न्याय, स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व — को हर वर्ष सम्मानित किया जाए।
  • मोदी ने कहा कि संविधान ने समानता, मानवीय गरिमा और स्वतंत्रता को सर्वोच्च स्थान दिया है। यह न केवल अधिकार देता है, बल्कि हमें नागरिक के रूप में कर्तव्यों की भी याद दिलाता है।

लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए कर्तव्यों की अहमियत

प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि अधिकारों का आनंद तभी सम्भव है जब हम अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाएँ। उन्होंने महात्मा गांधी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि “कर्तव्यों के पालन से ही अधिकार सशक्त होते हैं।”

वोट देना — जो एक मौलिक अधिकार है — उसे नागरिकों की जिम्मेदारी के रूप में देखने की उन्होंने अपील की। चुनाव में भाग लेकर हमें न केवल अपने भविष्य को तय करना है, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत भी बनाना है।

उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि आज लिए गए फैसले आने वाली पीढ़ियों के जीवन को आकार देंगे। इसलिए हमें अपने दायित्वों को सर्वोपरि रखना चाहिए, ताकि हमारा देश “विकसित भारत (Viksit Bharat)” बन सके।

first-time वोटर्स और युवा — लोकतंत्र का भविष्य

PM मोदी ने विशेष रूप से युवा नागरिकों, उन लोगों की ओर ध्यान आकर्षित किया जो पहली बार 18 वर्ष की आयु पार कर वोटर बने हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूल और कॉलेज ऐसे नए वोटर्स को संविधान दिवस पर सम्मानित करें। इससे न केवल उनका मनोबल बढ़ेगा, बल्कि उन्हें लोकतंत्र में भागीदारी के लिए प्रेरणा मिलेगी।

यह पहल युवाओं में संवैधानिक जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है — जिससे लोकतंत्र और मजबूत, और सामूहिक रूप से अधिक सजग बनेगा।

कर्तव्य — लोकतंत्र की आत्मा

इस संविधान दिवस पर, PM मोदी ने देशवासियों को यह संदेश दिया कि सिर्फ अधिकारों का मज़ा लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कर्तव्यों को निभाना भी उतना ही ज़रूरी है।

हमारा संविधान हमें अधिकार देता है, स्वतंत्रता देता है, न्याय और समानता देता है — लेकिन देश की तरक्की, लोकतंत्र की मजबूती और हमारी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए, हमें अपनी जिम्मेदारियों को समझ कर उन्हें भली-भांति निभाना होगा।

आइए, इस Constitution Day on Wednesday हम सब मिलकर कर्तव्यों को अपना बुनियाद बनाएं — ताकि हमारा लोकतंत्र और भी ज़्यादा सशक्त, न्यायपूर्ण और सबके लिए उज्जवल बन सके।

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