नेपाल में एक बार फिर युवा पीढ़ी का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। बीते 48 घंटों में देश के कई प्रमुख शहरों में Gen Z के भारी विरोध प्रदर्शन ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। हालात काबू में न आते देख सरकार को कई इलाकों में कर्फ्यू लागू करना पड़ा। तेजी से बदल रही घटनाओं ने नेपाल की राजनीति और सामाजिक स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्यों भड़का नेपाल का Gen Z? जानिए विरोध की असली वजह
नेपाल का Gen Z पिछले कुछ महीनों से बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, पारदर्शिता की कमी और राजनीतिक अस्थिरता को लेकर गुस्से में है।
सोशल मीडिया पर शुरू हुई असंतुष्टि अब बड़े पैमाने पर सड़क आंदोलनों में बदल चुकी है।
मुख्य कारणों में शामिल हैं:
- बेरोजगारी और पर्याप्त रोजगार अवसरों की कमी
- सरकारी संस्थानों में भ्रष्टाचार और पारदर्शिता की कमी
- युवा नेतृत्व को राजनीतिक रूप से नजरअंदाज किया जाना
- बढ़ती महंगाई और आर्थिक चुनौतियाँ
- डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सरकार की नीतियों के खिलाफ बढ़ता आक्रोश
यही कारण रहा कि नए हफ्ते की शुरुआत में ही हजारों की संख्या में युवाओं ने काठमांडू, पोखरा और धरान में प्रदर्शन शुरू कर दिए।
कई शहरों में हिंसा, सरकार ने लगाया कर्फ्यू
जैसे-जैसे भीड़ बढ़ी, कुछ स्थानों पर प्रदर्शन हिंसक रूप ले गए।
स्थानीय पुलिस के अनुसार:
- कई जगहों पर पत्थरबाज़ी और आगजनी की घटनाएँ देखी गईं
- सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की कोशिशें हुईं
- ट्रैफिक जाम और सुरक्षा खतरे के बीच हालात बिगड़ते चले गए
स्थिति नियंत्रण से बाहर जाती देख प्रशासन ने काठमांडू के संवेदनशील इलाकों सहित कई स्थानों पर कर्फ्यू लागू करने का फ़ैसला लिया।
कर्फ्यू के दौरान:
- बिना अनुमति कोई सभा या रैली नहीं निकाली जा सकती
- इंटरनेट और सोशल मीडिया निगरानी बढ़ाई गई
- सुरक्षा बलों की तैनाती दोगुनी कर दी गई
- रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक मूवमेंट पर कड़ाई
सरकार ने अपील की है कि लोग अफवाहों पर विश्वास न करें और शांति बनाए रखें।
युवाओं की मांगें—नई नीति, नया नेतृत्व और पारदर्शी सिस्टम
प्रदर्शन कर रहे युवाओं का कहना है कि वे हिंसा नहीं चाहते, बल्कि सुधार और जवाबदेही चाहते हैं।
उनकी प्रमुख मांगें हैं:
- रोजगार सृजन के लिए नई आर्थिक नीति
- सरकारी भर्ती में पारदर्शिता
- भ्रष्टाचारियों पर सख्त कार्रवाई
- युवाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाए जाने की व्यवस्था
- शिक्षा और डिजिटल सेक्टर में बड़े सुधार
Gen Z की यह आवाज सोशल मीडिया पर ट्रेंड बन चुकी है, जो नेपाल की नई राजनीतिक वास्तविकताओं को इशारा करती है।
सरकार का बयान—स्थिति जल्द होगी सामान्य
नेपाल सरकार ने दावा किया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कर्फ्यू केवल एहतियातन लगाया गया है।
सरकार का कहना है:
- “युवाओं की मांगें महत्वपूर्ण हैं और सरकार संवाद के लिए तैयार है।”
- सभी विभागों को शांति बनाए रखने और फील्ड से सही रिपोर्ट देने के निर्देश जारी किए गए हैं।
- आर्थिक सुधार और रोजगार नीतियों को लेकर जल्द नई योजनाएँ जारी हो सकती हैं।
नेपाल के भविष्य पर बड़ा सवाल: क्या Gen Z राजनीतिक बदलाव लाएगा?
Gen Z के इस आक्रोश ने नेपाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सरकार ने समय रहते युवाओं की आवाज नहीं सुनी, तो यह आंदोलन लंबा और प्रभावशाली बन सकता है।
नेपाल की नई पीढ़ी अब पारदर्शिता, जवाबदेही और आधुनिक शासन की मांग कर रही है, और यह बदलाव देश की राजनीति को नई दिशा दे सकता है।