इमरान खान कब आएंगे सामने? बहनें जेल के बाहर बैठीं, 8वीं बार भी नहीं मिल पाए खैबर CM

पाकिस्तान की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद से हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। अब स्थिति यह हो गई है कि उनकी बहनें आठवीं बार भी जेल परिसर में उनसे मुलाकात नहीं कर पाईं, जबकि खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर भी कई बार मिलने की कोशिश कर चुके हैं। सवाल यह उठ रहा है—इमरान खान आखिर कब सार्वजनिक रूप से दिखाई देंगे, और देश की राजनीति किस दिशा में जा रही है?

बहनों की बेचैनी बढ़ी—जेल गेट पर घंटों इंतज़ार

इमरान खान की बहनें, अलेमा खान और उमेमा खान, पिछले कई दिनों से जेल के बाहर बैठकर इंतज़ार कर रही हैं। उनका कहना है कि उन्हें बार-बार मिलने का वादा किया जाता है, लेकिन जेल प्रशासन लगातार मिलने से इनकार कर देता है

बहनों ने मीडिया से बात करते हुए कहा—
“हम सिर्फ अपने भाई की हालत देखना चाहती हैं। हमें बताया जाता है कि स्थिति सामान्य है, लेकिन यदि सब सामान्य है तो मुलाकात क्यों नहीं कराई जा रही?”

उनकी इस व्यथा ने पाकिस्तान के राजनीतिक वातावरण में एक और चिंता पैदा कर दी है—क्या इमरान खान की सेहत को लेकर कुछ छिपाया जा रहा है?

खैबर पख्तूनख्वा CM भी नहीं मिल पाए—8वीं बार प्रवेश से रोका गया

खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर इमरान खान से मिलने के लिए आठवीं बार जेल पहुँचे, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी प्रवेश से रोक दिया गया
उन्होंने कहा—
“मैं राज्य का मुख्यमंत्री हूँ, और यदि मुझे अपने नेता से मिलने की इजाज़त नहीं दी जा रही, तो इससे बड़ा असंवैधानिक कदम और क्या हो सकता है?”

जेल प्रशासन का जवाब साफ है—स्थिति “सुरक्षा कारणों” से नियंत्रित है, और किसी को मिलने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
लेकिन विपक्ष का आरोप है कि यह “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” है।

इमरान खान कहाँ हैं? सरकार की चुप्पी से बढ़ी अटकलें

सबसे बड़ा सवाल यही है कि इमरान खान की वास्तविक स्थिति क्या है?
सरकार लगातार कह रही है कि:

  • वह सुरक्षित हैं
  • जेल में सामान्य प्रक्रिया चल रही है
  • उनकी सेहत ठीक है

लेकिन उनके किसी भी नए वीडियो का जारी न होना, अदालत में भी उनके उत्पादन की कमी, और पत्रकारों को उनसे दूर रखा जाना कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे रहा है।

सोशल मीडिया पर विभिन्न दावे किए जा रहे हैं—कुछ लोग कह रहे हैं कि उन्हें अलग सेल में रखा गया है, जबकि कुछ का मानना है कि उनकी हालत खराब है।
हालाँकि, इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है।

PTI समर्थकों में बेचैनी—देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज

इमरान खान की मुलाकातों पर रोक ने एक बार फिर PTI समर्थकों में गुस्सा भड़का दिया है। देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं।

  • पेशावर
  • इस्लामाबाद
  • लाहौर
  • रावलपिंडी

जैसे शहरों में PTI कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए सरकार पर “तानाशाही और दमन” का आरोप लगाया।
सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर भी #ImranKhan और #LetUsMeetImran जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।

कानूनी मोर्चे पर भी तीखी लड़ाई

इमरान खान की कानूनी टीम का कहना है कि मुलाकात न कराना मानवाधिकारों का उल्लंघन है।
उन्होंने अदालत में याचिका दायर कर कहा है कि:

  • परिवार
  • डॉक्टर
  • वकील
  • राजनीतिक प्रतिनिधि

इन सभी को मिलने की अनुमति मिलनी चाहिए।

अदालत ने भी जेल प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट माँगी है।

क्या इमरान खान फिर सामने आएंगे? यह बड़ा राजनीतिक सवाल

पाकिस्तान में यह सवाल अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि:

  1. सरकार नहीं चाहती कि इमरान खान बाहर आकर बयान दें
    —क्योंकि इससे राजनीतिक माहौल में भूचाल आ सकता है।
  2. इमरान खान की लोकप्रियता अभी भी बहुत अधिक है
    —उनके एक बयान से जनता फिर सड़कों पर उतर सकती है।
  3. मुलाकातों पर रोक एक रणनीतिक दबाव हो सकता है
    —ताकि PTI नेतृत्व कमजोर पड़ जाए।

इमरान खान की एक झलक का इंतज़ार सिर्फ उनके परिवार को नहीं, बल्कि पूरे पाकिस्तान के राजनीतिक माहौल को है।

जेल प्रशासन का आधिकारिक बयान

जेल प्रशासन ने अपने बयान में कहा:
“सुरक्षा कारणों से मुलाकातें सीमित की गई हैं। जैसे ही अनुमति मिलेगी, परिवार और प्रतिनिधियों को मिलने दिया जाएगा।”

लेकिन यह बयान परिवारों को संतुष्ट नहीं कर पाया है।

इमरान खान पाकिस्तान की सबसे प्रभावशाली और लोकप्रिय राजनीतिक हस्तियों में से एक हैं। उनके राजनीतिक भविष्य पर हर किसी की नजर है। उनकी बहनों का लगातार जेल के बाहर बैठना, मुख्यमंत्री का बार-बार लौट जाना, और सरकार की चुप्पी—यह सब मिलकर एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहे हैं:

👉 इमरान खान आखिर कब सामने आएंगे?
👉 क्या उनका स्वास्थ्य ठीक है?
👉 क्या मुलाकातों पर रोक राजनीतिक उद्देश्य से है?

पाकिस्तान की राजनीति का अगला अध्याय इसी जवाब पर निर्भर करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *