हांगकांग की मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में कैसे लगी इतनी भीषण आग, अब तक 55 की मौत, 279 लापता!

हांगकांग में भयानक त्रासदी ने पूरे विश्व को हिला दिया है। शहर की एक 38-मंज़िला मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में लगी भीषण आग ने इतना भयावह रूप ले लिया कि देखते ही देखते पूरी इमारत धधक उठी। इस हादसे में अब तक 55 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 279 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन धुआँ, गर्मी और बिल्डिंग की क्षतिग्रस्त स्थिति टीमों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।

आखिर कैसे लगी आग? जाँच एजेंसियाँ कारणों की तलाश में जुटीं

अभी तक आग लगने का आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन शुरुआती रिपोर्टों से कुछ अहम संकेत मिले हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, आग सबसे पहले बिल्डिंग की 18वीं मंज़िल पर बने सर्विस कॉरिडोर में लगी, जहाँ बिजली की वायरिंग, मीटर बॉक्स और कचरा जमा था। हांगकांग पुलिस और फायर डिपार्टमेंट का प्रारंभिक अनुमान है कि:

  1. शॉर्ट सर्किट
  2. ओवरलोडेड इलेक्ट्रिक सिस्टम
  3. ज्वलनशील सामग्री का जमा होना
  4. बिल्डिंग के मेन्टेनेंस में लापरवाही

आग के फैलने में मुख्य भूमिका निभा सकते हैं।

चूँकि बिल्डिंग काफी पुरानी थी और उसमें कई विदेशियों समेत सैकड़ों परिवार रहते थे, इसलिए आग तेजी से ऊपर और नीचे दोनों दिशाओं में फैलती चली गई।

फायर फाइटर्स के लिए सबसे मुश्किल ऑपरेशन

हांगकांग की दमकल टीम दुनिया की सबसे तेज़ और आधुनिक टीमों में से मानी जाती है, फिर भी यह हादसा उनकी क्षमताओं की परीक्षा बन गया।

  • आग इतनी तेजी से फैली कि टीमों को फ्लोर दर फ्लोर आगे बढ़ने में दिक्कत हुई।
  • ऊँची मंज़िलों पर फँसे लोग धुएँ के कारण बेहोश होते चले गए।
  • कई स्थानों पर आपातकालीन निकास बंद या अवरुद्ध पाए गए।
  • कुछ लोगों ने खिड़कियों पर चढ़कर बचने की कोशिश की लेकिन धुएँ की अधिकता के कारण वे नीचे गिर पड़े।

फायर डिपार्टमेंट ने बताया कि यह पिछले 15 वर्षों का सबसे बड़ा ऑपरेशन है और बचाव दल लगातार 18 घंटे से अधिक समय से काम कर रहा है।

लोगों में अफरा-तफरी—बालकनी से मदद की पुकार

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब आग फैलने लगी, तो लोग घबराकर गलियारों और सीढ़ियों की ओर भागने लगे। लेकिन भारी धुएँ ने उनकी राह रोक दी। कई परिवार अपनी बालकनी से मोबाइल की फ्लैशलाइट दिखाकर मदद मांगते हुए नजर आए।

ऊँची मंज़िलों पर रहने वालों के पास विकल्प बहुत कम थे—लिफ्ट बंद थी और सीढ़ियाँ धुएँ से भर चुकी थीं।

कई प्रवासी परिवारों के लोग अब भी लापता हैं। कुछ ने सोशल मीडिया के जरिए अपने परिजनों की आखिरी तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें वे बालकनी पर फँसे दिख रहे हैं।

अस्पतालों में भीड़—घायलों की हालत गंभीर

हांगकांग के प्रमुख अस्पतालों में लगातार घायलों को भर्ती कराया जा रहा है। जिन लोगों को बचाया गया है, उनमें से अधिकांश:

  • धुएँ से दम घुटने
  • गंभीर जलने
  • बेहोशी
  • शरीर में ऑक्सीजन की कमी

जैसी स्थितियों से जूझ रहे हैं।

सैकड़ों लोग अस्पतालों के बाहर अपनों के बारे में खबर पाने के लिए इंतज़ार कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि कई मरीजों की हालत बेहद गंभीर है और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

बिल्डिंग की स्थिति बेहद खराब—गिरने का खतरा

अधिकारियों के मुताबिक आग ने बिल्डिंग की संरचना को इतनी बुरी तरह प्रभावित किया कि कई जगहें ढह भी गईं। इंजीनियरों ने चेतावनी दी है कि इमारत गिरने का खतरा टला नहीं है।

इस कारण:

  • ऊपरी मंज़िलों में प्रवेश वर्जित
  • कई हिस्सों को पूरी तरह सील
  • बड़ी क्रेन और हाइड्रोलिक मशीनें तैनात

की गई हैं।

सरकार हुई सतर्क—जाँच टीम बनायी गई

हांगकांग प्रशासन ने इस हादसे को अत्यंत गंभीर मानते हुए एक विशेष जांच समिति गठित की है। यह समिति:

  • आग लगने के कारण
  • सुरक्षा मानकों की अनदेखी
  • बिल्डिंग की देखरेख में खामियाँ
  • संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारियाँ

इन सभी पहलुओं की जाँच करेगी।

मुख्यमंत्री स्तरीय अधिकारियों ने कहा है कि अगर लापरवाही पाई गई, तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया—विश्व हुआ स्तब्ध

हांगकांग को एशिया का ‘सेफ सिटी’ कहा जाता है, लेकिन इस हादसे ने दुनिया भर को चौंका दिया है। कई देशों के दूतावासों ने अपने नागरिकों की स्थिति की जानकारी माँगी है।

संयुक्त राष्ट्र और एशियन ह्यूमन राइट्स आयोग ने कहा कि यह घटना सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने का एक गंभीर संकेत है।

क्या ऐसी घटनाएँ रोकी जा सकती हैं? विशेषज्ञों ने उठाए सवाल

आग लगने के बाद कई विशेषज्ञों ने बिल्डिंग सेफ्टी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है:

  • पुरानी इमारतों की नियमित जाँच नहीं होती
  • बिजली व्यवस्था ओवरलोड रहती है
  • निकास मार्ग मानकों के अनुरूप नहीं
  • आग से सुरक्षा उपकरण पुराने या खराब

कई शहरों में मल्टीस्टोरी भवनों में ऐसे जोखिम लगातार बढ़ रहे हैं।

55 मौतें और 279 लोग लापता—परिवारों में मातम

हांगकांग में मातम पसरा हुआ है। जिन परिवारों ने अपनों को खो दिया, उनकी आँखें नम हैं। कई लोग अस्पतालों के बाहर रोते-बिलखते नजर आए। लापता लोगों के परिजन उम्मीद कर रहे हैं कि उनके प्रियजन किसी कोने में जिंदा मिल जाएँ।

राहतकर्मियों ने कहा कि जैसे-जैसे मलबे की सफाई होगी, मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।

यह त्रासदी एक चेतावनी—सुरक्षा नियमों पर कड़ाई जरूरी

यह हादसा सिर्फ हांगकांग के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक चेतावनी है। मल्टीस्टोरी बिल्डिंग्स में:

  • आग सीढ़ियों में तेजी से फैलती है
  • धुआँ अधिक खतरनाक होता है
  • बिजली की खराब वायरिंग जानलेवा साबित होती है

सरकारों को ऐसे भवनों में नियमित निरीक्षण अनिवार्य करना चाहिए।

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